टैक्स - ताज़ा कर समाचार और उपयोगी टिप्स

अगर आप टैक्स से जुड़े नए नियम या बजट की खबरें देखना चाहते हैं, तो यही जगह है आपके लिए. रोज़ रिपोर्टर पर हर दिन अपडेटेड जानकारी मिलती है, जिससे आपको समझ में आए कि कौन‑से बदलाव आपके जेब को असर करेंगे.

नवीनतम टैक्स नीति अपडेट

आयकर कानून में हाल ही में कई छोटे‑छोटे परिवर्तन हुए हैं. सबसे बड़ा बदलाव है वैकल्पिक निवेश योजना (ELSS) की टर्म कम हो गई, अब 3 साल के बाद भी निकासी पर रिटर्न मिलता है. साथ ही, सैलरी स्लैब को थोड़ा रीशेप किया गया जिससे मध्यम वर्ग को थोड़ी राहत मिली.

GST में भी कुछ नई दरें लागू हुई हैं. छोटे व्यापारियों के लिए 5% की कटऑफ सीमा बढ़ा दी गई, इसलिए अब कई व्यापारी अपने इनवॉइस पर कम टैक्स दे सकते हैं. अगर आप रिटेल या ई‑कॉमर्स चलाते हैं तो ये बदलाव सीधे आपके प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित करेंगे.

व्यावहारिक बचत टिप्स

कौन से निवेश आपके टैक्स बिल को घटा सकते हैं, इस पर थोड़ा ध्यान दें. PPF, EPF और NPS अभी भी सबसे भरोसेमंद विकल्प हैं, लेकिन यदि आप थोड़ी रिटर्न चाहते हैं तो ELSS फंड में 1 लाख रुपए तक की राशि का लाभ उठा सकते हैं.

घर या जमीन खरीदने वाले लोग सेक्शन 24(b) के तहत प्रिंसिपल रिपेमेंट पर टैक्स डिडक्शन ले सकते हैं. अगर आप पहले से ही होम लोन चुकाते हैं, तो इस डिडक्शन को भूलें नहीं – यह सालाना लगभग 2 लाख तक की बचत दे सकता है.

अंत में, हर महीने अपनी आय और खर्चों का ट्रैक रखें. डिजिटल टूल्स जैसे एक्सेल या फ्री ऐप्स से आप आसानी से देख सकते हैं कि कौन‑से खर्च टैक्सेबल हैं और किनको डिडक्ट किया जा सकता है. इससे साल के अंत में सरप्राइज़ बिल कम हो जाता है.

टैक्स की जटिल दुनिया को सरल बनाने का तरीका यही है – अपडेट रहना, सही निवेश करना और नियमित रिकॉर्ड रखना. रोज़ रिपोर्टर पर आएँ, नई जानकारी पढ़ें और अपनी बचत बढ़ाएँ.

Budget 2024: F&O ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव, जानिए किस तरह बढ़ेगा निवेशकों पर भार

Budget 2024: F&O ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव, जानिए किस तरह बढ़ेगा निवेशकों पर भार

भारत सरकार आगामी बजट 2024 में फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर टैक्स बढ़ाने की योजना बना रही है। इस कदम से विशेष रूप से रिटेल निवेशकों पर भार बढ़ेगा जो F&O में व्यापार करते हैं। वर्तमान में इस पर 0.125% का टैक्स लगाया जाता है, जिसे 0.25% या 0.5% तक बढ़ाया जा सकता है।