सैम आल्टमन कौन हैं? एक आसान समझ

अगर आप टेक न्यूज़ देखते हों तो सैम आल्टमन का नाम बार‑बार सुनते होंगे. वह OpenAI के सीईओ हैं, वो कंपनी जो ChatGPT जैसी बौद्धिक मशीन बनाती है. उनकी कहानी सिर्फ एक बिज़नेस लीडर की नहीं, बल्कि एआई को सामान्य लोगों तक पहुँचाने वाले दिमाग की भी है.

OpenAI में सैम का पहला कदम

सैम ने 2019 में OpenAI के बोर्ड से सीईओ बना. उस समय कंपनी अभी शुरुआती चरण में थी और फंडिंग, रिसर्च और प्रोडक्ट लॉन्च जैसे कई चुनौतियों का सामना कर रही थी. उन्होंने तुरंत दो बड़े निवेशक (Microsoft और अन्य वीसी) को साथ लाया, जिससे रिचर विकास संभव हुआ.

उनके मुख्य फैसले में से एक था AI मॉडल को "सुरक्षित" बनाना. सैम ने सुरक्षा टीम को मजबूत किया और सार्वजनिक डेमो के लिए एथिकल गाइडलाइन तैयार करवाई. इससे जनता का भरोसा बना, खासकर जब GPT‑3 ने सोशल मीडिया पर धूम मचाई.

मुख्य पहल: ChatGPT और उससे आगे

सैम की सबसे बड़ी उपलब्धि शायद ChatGPT लॉन्च है. उन्होंने इसे एक प्रोडक्ट के रूप में पेश किया, न कि सिर्फ रिसर्च पेपर. इसके बाद लगातार अपडेट (जैसे GPT‑4) ने उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाया. सैम का कहना है – "AI को रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में फिट करना चाहिए".

इसके अलावा उन्होंने AI डेवेलपर्स के लिए API खुला, जिससे छोटे स्टार्टअप भी बड़े मॉडल इस्तेमाल कर सकें. इससे इकोसिस्टम में नई एप्लिकेशन (कस्टमर सपोर्ट बॉट, कंटेंट जेनरेशन आदि) तेजी से आए.

अब सैम अगली चीज़ पर ध्यान दे रहे हैं – एआई का नियमन और वैश्विक सहयोग. उन्होंने कई देशों के नीति निर्माताओं को आमंत्रित किया है ताकि AI की संभावनाओं को सीमित नहीं, बल्कि जिम्मेदार बनाकर उपयोग किया जा सके.

तो अगर आप तकनीक में रुचि रखते हैं या AI से जुड़ी करियर सोच रहे हैं, सैम आल्टमन का काम एक प्रेरणा हो सकता है. उनकी रणनीति बताती है कि कैसे विज़न और प्रैक्टिकल कदम मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं.

एलन मस्क और सैम आल्टमैन के बीच $97.4 बिलियन के ओपनएआई अधिग्रहण विवाद की चर्चा गरमाई

एलन मस्क और सैम आल्टमैन के बीच $97.4 बिलियन के ओपनएआई अधिग्रहण विवाद की चर्चा गरमाई

एलन मस्क और सैम आल्टमैन के बीच उच्च स्तर के कानूनी विवाद में, मस्क और निवेशकों के एक दल ने ओपनएआई को $97.4 बिलियन में खरीदने का प्रस्ताव दिया। इस विवाद का केंद्र बिंदु ओपनएआई का लाभकारी संस्था में परिवर्तन है। मामला अमेरिकी संघीय न्यायालय में चल रहा है, जहां अदालत के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।