किशोर चालक: सुरक्षा, लाइसेंस और रोज़मर्रा की बातें

क्या आप या आपका बच्चा अब ड्राइविंग शुरू कर रहा है? उम्र का नाज़ुक दौर होते हुए भी गाड़ी चलाना बड़ी जिम्मेदारी है। यहाँ पर हम ऐसे आसान टिप्स देंगे जो किशोर चालकों को सुरक्षित रखेंगे और कानून के साथ संगत बनाएँगे।

लाइसेंस पाने की सही प्रक्रिया

भारत में दो‑पहिया या चार‑पहिया चलाने के लिए कम से कम 18 साल का होना ज़रूरी है। लाइसेंस के लिये पहले सीखने वाले (Learner) परमीट चाहिए, जिसके बाद आप रेज़िडेंट टेस्ट पास करके पूरा ड्राइविंग लाइसेंस ले सकते हैं। इस दौरान हमेशा एक अनुभवी चालक की मौजूदगी में गाड़ी चलाएँ – यही नियम कई राज्यों में कड़ाई से लागू है।

लाइसेंस फॉर्म भरते समय सही दस्तावेज़, जैसे आयु प्रमाणपत्र और पता प्रमाण, रखना जरूरी है। ऑनलाइन आवेदन आसान हो गया है; आप अपने नजदीकी RTO की वेबसाइट पर भी कर सकते हैं। याद रखें – गलत जानकारी देने से लाइसेंस रद्द या जुर्माना लग सकता है।

किशोर चालक के लिए रोड सेफ़्टी टिप्स

1. **स्पीड कंट्रोल**: तेज़ी से चलाने की इच्छा प्राकृतिक होती है, पर 30 km/h से ज़्यादा नहीं जाना चाहिए जब तक आप हाईवे पर न हों। धीमी गति में ब्रेक लगाना आसान रहता है और अचानक रोकने का जोखिम कम होता है।

2. **सीट बेल्ट हमेशा पहनें**: यह सबसे बुनियादी नियम है, लेकिन कई बार किशोर इसे भूल जाते हैं। सीट बेल्ट से चोट के खतरे में 50 % तक कमी आती है।

3. **ड्राइविंग के दौरान मोबाइल न इस्तेमाल करें**: हेडफ़ोन या वॉयस कमांड का उपयोग कर सकते हैं, पर स्क्रीन देखना पूरी तरह से बंद रखें। एक सेकंड की लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना बना सकती है।

4. **ट्रैफिक सिग्नल और रोड मार्किंग का पालन**: लाल बत्ती पर रुकें, पीली में धीमा हों, हरी में आगे बढ़ें। लाइन क्रॉस करने से पहले दो‑तीन बार देखना ज़रूरी है।

5. **मौसम के हिसाब से ड्राइव करें**: बारिश या धुंध में स्पीड कम रखें और हैंडब्रेक का सही उपयोग सीखें। टायर की ग्रिप भी जांचते रहें – गीला रोड पर फिसलन बढ़ जाती है।

6. **इमरजेंसी किट तैयार रखें**: बेसिक टूल्स, जंपर केबल, एंटी‑फ्रॉस्ट स्प्रे और प्राथमिक उपचार सामग्री हमेशा साथ रखें। छोटे-छोटे गैस या पंक्चर को जल्दी ठीक किया जा सकता है।

7. **इंश्योरेंस न भूलें**: न्यूनतम बीमा होना कानूनी आवश्यकता है, पर व्यापक कवर वाले प्लान से आप और आपके परिवार दोनों सुरक्षित रहते हैं। दुर्घटना के बाद क्लेम प्रोसेस को आसान बनाने के लिये सभी दस्तावेज़ साफ रखें।

इन टिप्स को अपनाकर किशोर चालक न सिर्फ अपने लिए बल्कि रोड पर मौजूद हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। याद रखिए, ड्राइविंग सीखना एक निरंतर प्रक्रिया है – हमेशा सुधार का मौका रहता है।

पुणे में पोर्श कार दुर्घटना: किशोर चालक के पिता गिरफ्तार, दो लोगों की मौत

पुणे में पोर्श कार दुर्घटना: किशोर चालक के पिता गिरफ्तार, दो लोगों की मौत

पुणे के कल्याणी नगर इलाके में एक 17 वर्षीय किशोर द्वारा चलाई जा रही पोर्श कार की मोटरसाइकिल से टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई। किशोर के पिता को ओरंगाबाद से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने किशोर पर वयस्क के रूप में मुकदमा चलाने के लिए सत्र अदालत में आवेदन दायर किया है।