
India VIX – क्या है और आज का रुझान
India VIX को अक्सर ‘डर इंडेक्स’ कहा जाता है। यह निफ्टी‑ऑप्शन पर आधारित वोलैटिलिटी को मापता है, यानी बाजार में डर या उत्साह की दर। जब VIX ज्यादा होता है तो निवेशकों को लगता है कि कीमतें तेज़ी से बदल सकती हैं, और कम होने पर ट्रेंड स्थिर रहता है।
India VIX कैसे काम करता है
VIX का गणितीय फॉर्मूला जटिल हो सकता है, लेकिन असली बात यह है कि यह 30‑दिन की ऑप्शन प्रीमियम से निकाला जाता है। अगर आप निफ्टी पर कॉल या पुट खरीदते‑बेचते हैं तो VIX आपके ट्रेड की कीमत को सीधे प्रभावित करेगा। इसलिए हर सुबह के मार्केट रिपोर्ट में VIX का नंबर देखना एक अच्छी आदत बन जाती है।
आज के ट्रेडिंग पर असर
अभी India VIX 18.5 के करीब है, जो पिछले हफ़्ते की तुलना में थोड़ा बढ़ा है। इस स्तर पर बड़ी कंपनियों के शेयरों में हल्की‑हल्की गिरावट देखी गई और कुछ छोटे‑मध्यम कैप स्टॉक्स ने तेजी पकड़ी। अगर आप रिवर्सल या स्ट्रैडल जैसी रणनीतियाँ अपनाते हैं तो VIX का उतार-चढ़ाव सीधे आपके मुनाफ़े को बदल सकता है।
नए निवेशकों के लिए एक आसान टिप: जब VIX 20 से ऊपर जाए, तो जोखिम‑प्रेमी ट्रेड कम करें और सुरक्षित स्टॉक्स या गोल्ड पर ध्यान दें। वहीँ VIX 15 के नीचे हो तो आप थोड़ा एक्सपोजर बढ़ा सकते हैं, जैसे कि टेक‑स्टॉक में छोटे‑मोटे लोन‑ट्रेड्स।
अगर आप फ्यूचर ट्रेडिंग करते हैं, तो VIX का उपयोग हेजिंग के लिए भी कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर निफ्टी फ्यूचर में पॉज़िटिव ट्रेंड है लेकिन आपको डर लग रहा है, तो VIX‑फ्यूचर खरीदकर संभावित नुकसान को कवर किया जा सकता है।
कई बार बाजार समाचार में ‘India VIX spikes’ लिखा मिलता है, लेकिन इसका मतलब हमेशा बुरा नहीं होता। कभी‑कभी यह अस्थायी टेंशन से बढ़ता है और फिर जल्दी ही सामान्य स्तर पर वापस आता है। इसलिए हर खबर को सीधे ट्रेडिंग सिग्नल न मानें; खुद के रिसर्च और जोखिम सहनशीलता को देखते हुए निर्णय लें।
अंत में, VIX सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि मार्केट की भावना का रीडर है। इसे समझ कर आप बेहतर एंट्री‑एक्ज़िट टाइमिंग बना सकते हैं और अनावश्यक नुकसान से बच सकते हैं। नियमित रूप से VIX को ट्रैक करें, अपने पोर्टफ़ोलियो में संतुलन बनाएं और बाजार के उतार‑चढ़ाव का आनंद लें।
