हिज्बुल्लाह क्या है? समझिये आसान भाषा में

हिज्बुल्लाह लेबनान का एक मिलिशिया समूह है जो 1980 के दशक में इस्लामिक प्रतिरोध की भावना से बना था। उनका मूल लक्ष्य इज़राइल के खिलाफ लड़ना और लेबनानी शिया समुदाय को राजनीतिक शक्ति देना रहा है। समय के साथ उन्होंने राजनीति, सामाजिक सेवाएँ और सैन्य कार्यों को जोड़ लिया है।

हिज्बुल्लाह के मुख्य कदम

पिछले कुछ सालों में हिज्बुल्लाह ने कई बार सीमाओं पर संघर्ष किया, जैसे 2020‑2024 में इज़राइल के साथ मारामारी। ये झड़पें अक्सर अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनलों पर दिखती हैं और क्षेत्र की सुरक्षा को प्रभावित करती हैं।

साथ ही उन्होंने लेबनान में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के कामों में भी भाग लिया है, जिससे उनके समर्थनकर्ता बढ़े हैं। इस दोहरी भूमिका ने उन्हें स्थानीय राजनीति में एक ताकतवर खिलाड़ी बना दिया है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और प्रभाव

अमेरिका, यूरोपीय संघ और कई मध्य पूर्वी देश हिज्बुल्लाह को आतंकवादी समूह मानते हैं। इस वजह से उन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाते हैं और उनकी फंडिंग का पता लगाने की कोशिश करते हैं। फिर भी हिज्बुल्लाह के पास इरान जैसे देशों से समर्थन है, जिससे उनका संचालन जारी रहता है।

क्षेत्र में शांति चाहने वाले लोग अक्सर सवाल उठाते हैं—क्या हिज्बुल्लाह को राजनैतिक मंच पर लाना बेहतर होगा या फिर सैन्य दबाव बढ़ाना चाहिए? इस पर विशेषज्ञों की राय अलग‑अलग है, लेकिन स्पष्ट है कि उनका अस्तित्व लेबनान और पूरे मध्य पूर्व के राजनीतिक समीकरण को बदलता रहता है।

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लेबनान में पेजर धमाकों से हड़कंप: 9 की मौत, लगभग 3000 घायल

लेबनान में पेजर धमाकों से हड़कंप: 9 की मौत, लगभग 3000 घायल

लेबनान में मंगलवार, 17 सितंबर 2024 को हुई पेजर विस्फोटों की श्रृंखला से कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और करीब 3000 लोग घायल हो गए। ये धमाके हिज्बुल्लाह के सदस्यों द्वारा उपयोग किए जाने वाले पेजरों को निशाना बना कर किए गए थे। हिज्बुल्लाह ने इन विस्फोटों के पीछे इज़राइल का हाथ होने का आरोप लगाया है।