GST की ताज़ा ख़बरें और आसान समझ

क्या आप हर दिन बदलते जीएसटी नियमों से थक गये हैं? यहाँ हम सरल भाषा में सबसे जरूरी अपडेट लाते हैं, ताकि आपको देर न हो। चाहे नया स्लैब, रिटर्न फाइलिंग या कॉम्प्लायंस टिप्स – सब कुछ एक ही जगह पर मिलेगा।

नयी टैक्स स्लैब और दरें

अक्टूबर 2024 में वित्त मंत्रालय ने कई वस्तुओं की कर दरें बदल दीं। उदाहरण के तौर पर, इलेक्ट्रॉनिक सामान पर 12% से बढ़कर 18% किया गया, जबकि कुछ आवश्यक खाद्य पदार्थों को 5% तक घटाया गया। इन बदलावों का असर आपके बिल पर तुरंत दिखेगा, इसलिए रसीदों को ध्यान से देखिए और अगर कोई असमानता लगे तो अपने सप्लायर से पूछें।

रिटर्न फाइलिंग के आसान कदम

जीएसटी रिटर्न अब पहले से तेज़ हो गया है। आप GSTN पोर्टल पर लॉगिन करके ‘ऑटो‑फिल’ विकल्प चुन सकते हैं, जिससे पिछले महीने का डेटा अपने‑आप भर जाएगा। फिर सिर्फ दो‑तीन क्लिक में फाइल जमा कर लीजिए और स्क्रीनशॉट ले कर सुरक्षित रखें। अगर कोई त्रुटि दिखे तो ‘ड्राफ्ट सेव’ बटन से सुधार कर सकते हैं, बिना पूरे फॉर्म को रीसेट किए।

छोटे व्यवसायियों के लिए एक खास टिप – यदि आपका टर्नओवर 40 लाख रुपये से नीचे है, तो आप वार्षिक रिटर्न (GSTR‑9) का विकल्प चुन सकते हैं। इससे कम समय में सभी लेन‑देनों को क्लीयर करना आसान हो जाता है और दंड लगने की संभावना भी घटती है।

GST के बारे में अक्सर पूछा जाने वाला सवाल: "इनपुट टैक्स क्रेडिट कब तक क्लेम कर सकते हैं?" जवाब सीधा – फाइलिंग की तिथि से दो साल के भीतर, लेकिन अगर रजिस्टर्ड सप्लायर ने अपना इनवॉइस नहीं दिया तो आप ‘रिकवरी फ़ॉर्म’ भरकर भी दावा कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को जल्दी शुरू करना फायदेमंद रहता है, क्योंकि देर होने पर क्लेम अस्वीकार हो सकता है।

अगर आप ई‑कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म इस्तेमाल करते हैं, तो ध्यान रखें कि अब सभी मार्केटप्लेस को GST रजिस्टर होना अनिवार्य है। इसका मतलब आपका सेल्स टैक्स आपके प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से कटेगा और आपको अलग से एडवांस टॅक्स नहीं देना पड़ेगा। इस बदलाव से आपकी अकाउंटिंग सरल होगी और एरर्स कम होंगे।

अंत में, याद रखें कि जीएसटी केवल एक कर नहीं, बल्कि व्यवसाय को डिजिटल बनाकर दक्षता बढ़ाने का जरिया है। सही जानकारी, समय पर फाइलिंग और टैक्स क्रेडिट का समझदारी से उपयोग आपको न सिर्फ दंड से बचाएगा, बल्कि वित्तीय नियोजन में भी मदद करेगा। रोज़ रिपोर्टर पर बने रहिए – हम हर दिन नई अपडेट और व्यावहारिक टिप्स लाते हैं, ताकि आप कर की उलझनें भूलकर अपने व्यापार पर फोकस कर सकें।

GST करदाताओं के लिए बड़ी राहत: 1 नवंबर 2024 से मांगों पर नहीं लगेगा ब्याज व जुर्माना

GST करदाताओं के लिए बड़ी राहत: 1 नवंबर 2024 से मांगों पर नहीं लगेगा ब्याज व जुर्माना

भारत की GST अमनेस्टी योजना, 1 नवंबर 2024 से लागू, गैर-धोखाधड़ी वाली GST मांगों पर ब्याज और जुर्माना माफ करती है। वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2019-20 के बीच की मांगों के लिए यह छूट है, जिसमें करदाताओं को 31 मार्च 2025 तक मूल कर चुकाना अनिवार्य है। धोखाधड़ी मामलों पर छूट लागू नहीं है और आवेदन 30 जून 2025 तक जमा करना होगा।