GST करदाताओं के लिए बड़ी राहत: 1 नवंबर 2024 से मांगों पर नहीं लगेगा ब्याज व जुर्माना

GST अमनेस्टी योजना: करदाताओं के लिए नई शुरुआत
भारत में GST अमनेस्टी योजना, 1 नवंबर 2024 से एक नई राहत के रूप में सामने आई है, जो उन करदाताओं को बड़ी राहत देगी जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2019-20 के दौरान गैर-धोखाधड़ी वाले GST देयताओं का सामना किया था। इस योजना के तहत, करदाताओं को उनके द्वारा चुकाया जाने वाला ब्याज और जुर्माना माफ किया जाएगा, बशर्ते कि वे अपने मुख्य कर देनदारियों को समय पर चुकाएं। हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं जिन्हें समझना जरूरी है।
इस योजना की घोषणा बजट 2024 में की गई थी और इसे GST अधिनियम के सेक्शन 128A के तहत पेश किया गया है। यह उन करदाताओं को राहत प्रदान करता है जो GST के शुरुआती अमल के दौरान भारी आर्थिक दवाब में आए थे और जिनकी गलतियों को गैर-धोखाधड़ी के करिश्माईयों के रूप में देखने की जरूरत है। करदाताओं को इस योजना का लाभ उठाने के लिए 31 मार्च 2025 तक उनके खरीदेचे गए कर की राशि भरनी होगी।
आवेदन और प्रक्रिया
करदाता चलते समय जीएसटी एसपीएल-1 या जीएसटी एसपीएल-2 फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं और फॉर्म को 30 जून 2025 तक जमा करना होगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह योजना केवल गैर-धोखाधड़ी वाले मामलों पर लागू होती है, जिन्हें सेक्शन 73 के तहत आंका गया है। धोखाधड़ी वाले मामलों, जो कि सेक्शन 74 के तहत आते हैं, उन पर यह छूट लागू नहीं होगी।
कर विशेषज्ञों का कहना है कि इस योजना से कई करदाता अपने लंबित मामलों का निपटारा कर सकते हैं। सिद्धार्थ सुराना और विवेक बाज जैसे विशेषज्ञों ने इस कदम की तारीफ की है लेकिन इसके अलग-अलग पहलुओं जैसे कि दस्तावेज तैयार करने में सावधानी बरतने की भी सलाह दी है।
यह योजना करदाताओं को अपनी मुख्य देयताओं का निपटारा करने के लिए प्रोत्साहित करती है, जबकि उनका संभावित ब्याज और जुर्माना माफ करती है, जिससे कर संबंधी झंझटों को हल्का किया जा सके। इस पहल का उद्देश्य लंबित विवादों को समाप्त करना है, जिससे सरकार और करदाता दोनों को लाभ मिलेगा।