
चिकित्सा प्रवेश: क्या चाहिए और कैसे तैयार हों?
अगर आप डॉक्टर बनना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको मेडिकल कॉलेज में जगह चाहिए। इस प्रक्रिया को हम चिकित्सा प्रवेश कहते हैं। आजकल एंट्रेंस टेस्ट बहुत प्रतिस्पर्धी हो गया है, इसलिए सही जानकारी और तैयारी जरूरी है।
एंट्रेंस परीक्षा की प्रमुख जानकारी
भारत में सबसे ज्यादा उपयोग होने वाली परीक्षा NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट) है। इस टेस्ट में 12वीं के बोर्ड मार्क्स के साथ कुल अंक जोड़े जाते हैं और फिर रैंक तय होती है। तैयारी शुरू करने से पहले सिलेबस को समझना जरूरी है – फिजिक्स, कैमिस्ट्री और बायोलॉजी के बेसिक कॉन्सेप्ट पर ध्यान दें।
एक अच्छे प्लान में रोज़ाना दो घंटे पढ़ाई, एक वीकेंड मॉक टेस्ट और महीने में कम से कम दो बार पूरा पेपर हल करना शामिल होना चाहिए। नोट्स बनाते समय छोटे बिंदु लिखें, ताकि रिवीजन आसान हो। ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर मुफ्त मॉक टेस्ट उपलब्ध हैं, उनका इस्तेमाल कर सकते हैं।
सामान्यतः 2024‑25 के लिए कटऑफ़ लगभग 50% से शुरू होता है, लेकिन टॉप कॉलेजों में यह 70%+ तक जा सकता है। इसलिए अपने लक्ष्य को हाई रखिए और लगातार प्रैक्टिस करते रहें।
प्रवेश के बाद का रास्ता
एक बार एंट्रेंस पास हो जाए तो अगले चरण में काउंसलिंग आती है। यहाँ आप अपनी रैंक, पसंदीदा कॉलेज और उपलब्ध सीटों के हिसाब से विकल्प चुनते हैं। काउंसलिंग में डॉक्यूमेंट्स जैसे मार्कशीट, एड्मिशन फॉर्म और फोटो तैयार रखें।
कॉलेज ज्वाइन करने के बाद पहला साल अक्सर बायोलॉजी पर ज़्यादा होता है, इसलिए पहले साल की पढ़ाई को मजबूत बनाएं। क्लिनिकल स्किल्स धीरे‑धीरे आती हैं, इसलिए इंटर्नशिप के दौरान ज्यादा सीखने की कोशिश करें।
अगर आप आगे स्पेशलिटी चाहते हैं तो पोस्ट ग्रेजुएट (PG) एंट्रेंस जैसे NEET‑PG या AIIMS PG परीक्षा देनी पड़ेगी। इसमें फिर से सिलेबस अलग होता है, इसलिए पहले साल में ही बेसिक कॉन्सेप्ट्स को अच्छी तरह समझना फायदेमंद रहेगा।
रोज़ रिपोर्टर पर हम नियमित रूप से एंट्रेंस डेट, कटऑफ़ अपडेट और तैयारी टिप्स पोस्ट करते रहते हैं। आप हमारे लेखों को पढ़कर नवीनतम जानकारी रख सकते हैं और अपनी तैयारी में सुधार ला सकते हैं। यदि कोई सवाल है तो कमेंट बॉक्स में लिखें, हमारी टीम मदद करेगी।
