बजट 2025 की मुख्य बातें – क्या बदला, क्यों बदलता?

हर साल सरकार अपना बजट पेश करती है, लेकिन आम आदमी के लिये सबसे ज़रूरी चीज़ें कौन सी होती हैं? इस लेख में हम सीधे‑साधे भाषा में बजट 2025 के उन पॉइंट्स को देखेंगे जो आपकी जेब को सीधा असर करेंगे। अगर आप नहीं जानते कि टैक्स कैसे बदल रहा है या नई योजना से आपको क्या फायदा होगा, तो पढ़िए आगे.

करों में सबसे बड़ा बदलाव

बजट 2025 ने व्यक्तिगत आयकर स्लैब में हल्की सी फेरबदल की। अब 2.5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं, और 5 लाख से ऊपर की आय पर 10% का कर लगाया जाएगा। यह पहले के 5% से थोड़ा बढ़ा है, लेकिन कई मध्य वर्गीय परिवारों को राहत मिलती है क्योंकि नई छूटें छोटे‑बड़े खर्चों (जैसे हेल्थ इंश्योरेंस) पर लागू होंगी।

अगर आप खुदरा व्यापारी या फ्रीलांसर हैं, तो GST में 1% की कटौती का इंतज़ार करें। यह रियायत उन वस्तुओं पर है जो रोज़मर्रा के उपयोग में आती हैं – जैसे बेसिक फ़ूड आइटम और दवाएँ। छोटे व्यापारियों को इस बदलाव से नकदी प्रवाह बेहतर मिलेगा.

डिजिटल इंडिया और बुनियादी ढाँचा

बजट ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर 1 ट्रिलियन रुपये का निवेश घोषित किया है। इसका मतलब है अधिक हाई‑स्पीड इंटरनेट, ग्रामीण इलाकों में फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क, और सरकारी सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता बढ़ेगी। अगर आप गाँव या छोटे शहर में रहते हैं तो अब कई काम घर बैठ कर कर सकते हैं – जैसे बिजली बिल पेमेंट या स्वास्थ्य बीमा का नवीकरण.

सड़कें, रेल व पुलों पर भी भारी खर्च किया गया है। अगले दो साल में 10,000 किलोमीटर नई हाईवे बनेंगे और मौजूदा रेल नेटवर्क को तेज़ बनाने के लिए 5,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह न सिर्फ यात्रा समय बचाएगा बल्कि लॉजिस्टिक कॉस्ट को भी कम करेगा – जिसका लाभ व्यापारी वर्ग को सीधे मिलेगा.

साथ ही, कृषि सेक्टर में 30% बजट सब्सिडी के रूप में किसान बीमा और सस्ते उर्वरकों पर जाएगा। यह किसानों की आय स्थिर रखने का प्रयास है, क्योंकि पिछले सालों में मौसम बदलने से फसल नुकसान बड़ा मुद्दा रहा था.

संक्षेप में, बजट 2025 आपके कर बिल को थोड़ा हल्का करेगा, डिजिटल सेवाओं को सुलभ बनाएगा और बुनियादी ढाँचे में सुधार लाएगा। इन बदलावों को समझकर आप अपने खर्चे की योजना बेहतर बना सकते हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया 2025 का बजट: आठवीं बार रिकॉर्ड कायम

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया 2025 का बजट: आठवीं बार रिकॉर्ड कायम

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2025 को अपना आठवां लगातार केंद्रीय बजट पेश कर इतिहास बनाया। यह बजट विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें धीमी हो रही आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने और महंगाई से जूझ रहे मध्य वर्ग के लिए राहत उपायों की उम्मीद है। बजट का ध्यान खपत बढ़ाने और राजकोषीय घाटा कम करने के रोडमैप पर टिका हुआ है। 2025 के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था 6.3% से 6.8% तक बढ़ने का अनुमान है।