
बजेट 2024 – प्रमुख बातें और उनका असर
हर साल सरकार बजट पेश करती है, लेकिन 2024 का बजट खास इसलिए है क्योंकि देश की आर्थिक स्थिति पहले से अलग है। महंगाई, रोजगार और निवेश के सवालों को हल करने के लिए नई योजनाएँ सामने आई हैं। आइए देखें इस बजट में क्या नया है और यह आपके रोज़मर्रा के जीवन पर कैसे असर डाल सकता है।
मुख्य आय‑व्यय बिंदु
वित्त मंत्री ने बताया कि 2024‑25 वित्तीय वर्ष का कुल अनुमानित खर्च लगभग ₹30 लाख करोड़ रहेगा, जबकि राजस्व अंदाज़ा ₹12.5 लाख करोड़ है। सबसे बड़ा बदलाव कर छूट में विस्तार है – छोटे व्यवसायों के लिए अतिरिक्त ₹1 ट्रिलियन की रियायत दी गई है। साथ ही, स्वच्छ ऊर्जा और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च 15 % तक बढ़ाया गया है, जिससे नौकरियों का सृजन होगा।
सेवा क्षेत्र में भी बदलाव देखे जाएंगे। स्वास्थ्य बीमा योजना को सभी आय वर्गों के लिए अनिवार्य किया जाएगा, और इसका प्रीमियम सरकार द्वारा सबसिडी के साथ दिया जाएगा। इससे गरीब परिवारों पर बोझ कम होगा और अस्पताल में भर्ती खर्च घटेगा।
बजट का जनता पर प्रभाव
अगर आप नौकरी की तलाश में हैं तो 2024 बजट आपके लिए खुशख़बरी लाया है। कौशल विकास कार्यक्रम के तहत ₹500 करोड़ को तकनीकी प्रशिक्षण केंद्रों में लगाया जाएगा, जिससे नए रोजगार अवसर पैदा होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों और जल व्यवस्था पर खर्च दो गुना कर दिया गया है, इसलिए गाँव‑गाँव तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचेंगी।
उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ा असर महंगाई से निपटने में दिखेगा। ईंधन पर टैक्स में हल्का कटौती और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों को स्थिर रखने के लिए एक विशेष निधि बनायी गयी है। इसका मतलब है कि रोज़मर्रा की चीजें—जैसे गैस, डीजल और सॉलिड फ्यूल—की कीमत में उतार‑चढ़ाव कम रहेगा।
विद्यार्थियों को भी इस बजट से फायदा होगा। नई स्कॉलरशिप योजना के तहत प्रतिवर्ष 10 % छात्रवृत्ति बढ़ा दी गई है, विशेषकर विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए। यह पहल उच्च शिक्षा की पहुंच को आसान बनाएगी।
व्यापारी वर्ग को भी राहत मिली है क्योंकि वस्तु एवं सेवा कर (GST) पर कुछ आयातित सामानों का अनुप्रयोग घटाया गया है। इससे उत्पादन लागत कम होगी और अंतिम उत्पाद की कीमत में कमी आएगी। छोटे व्यापारियों के लिए आसान ऋण सुविधा शुरू हुई है, जिसमें ब्याज दरें 7 % से नीचे रखी गई हैं।
अंत में, इस बजट ने पर्यावरण को भी प्राथमिकता दी है। हर साल 2 % औद्योगिक उत्सर्जन कम करने का लक्ष्य रखा गया है और सौर एवं पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए विशेष फंड बनाया गया है। अगर आप पर्यावरण के प्रति सजग हैं तो यह पहल आपके लिये आशाजनक होगी।
समग्र रूप से देखिए, बजट 2024 आर्थिक विकास को तेज़ करने, रोजगार बढ़ाने और आम लोगों की जेब पर दबाव कम करने की दिशा में तैयार किया गया है। अब सवाल यह है कि इन योजनाओं का सही कार्यान्वयन कितना प्रभावी होगा—और इस पर आपकी भागीदारी भी महत्वपूर्ण रहेगी।
