अध्यक्ष चुनाव: क्या बदल रहा है और आपको क्या जानना चाहिए?

हर पाँच साल में भारत का राष्ट्रपति चुना जाता है, लेकिन आजकल अध्यक्ष शब्द से भी कई राज्यों में प्रमुख पदों की बात होती है। इस बार के चुनाव में पार्टियों ने नई रणनीतियाँ अपनाई हैं, इसलिए वोटर बेस काफी बदल रहा है। अगर आप नहीं जानते कि कौनसे मुद्दे सबसे ज़्यादा चर्चा में हैं, तो ये लेख आपके लिए है।

मुख्य राजनीतिक हलचलें

भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपनी-अपनी टीम को फिर से व्यवस्थित किया है। उदाहरण के तौर पर शक्तिकांत दास की नियुक्ति नरेंद्र मोदी सरकार में मुख्य सचिव बनाकर एक बड़ा संकेत दिया गया कि आर्थिक चुनौतियों को कैसे संभालना है। वहीँ, विपक्षी पक्ष ने युवा नेताओं को आगे लाने की कोशिश की है ताकि नया जोश वोटरों तक पहुँचे। इस तरह की बदलावों से चुनाव के परिणाम पर सीधा असर पड़ता है।

एक और दिलचस्प बात यह रही कि विदेश नीति भी अब मतदान में भूमिका निभा रही है। भारत ने पाकिस्तान के AWACS को गिराया जैसी खबरें सुरक्षा एजेंसियों के बीच चर्चा का विषय हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर मतदाताओं की राय मजबूत हो सकती है। ऐसे मुद्दे अक्सर चुनावी रैली और जनसभाओं में उभरते हैं।

वोटर को क्या देखना चाहिए?

पहला सवाल – उम्मीदवार का अनुभव? अगर आप एक अनुभवी नेता चाहते हैं तो पिछले कार्यकाल की समीक्षा करना फायदेमंद रहेगा। दूसरे, उनका आर्थिक एजेंडा। आज के समय में CDSL शेयर जैसे मार्केट संकेतक बताते हैं कि कौनसी नीतियों से बाजार को फायदा हुआ या नुकसान। तीसरा – सामाजिक पहल। उदाहरण के तौर पर, Airtel की फ्री AI सब्सक्रिप्शन जैसी पहलें यह दिखाती हैं कि डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर कितना ध्यान दिया जा रहा है। ये सभी बातें सीधे आपके जीवन को प्रभावित करेंगी।

अगर आप मतदान के लिए तैयार हो रहे हैं, तो स्थानीय स्तर पर आयोजित रैलियों में जाकर सवाल पूछना न भूलें। अक्सर नेताओं से उनके वित्तीय योजना, रोज़गार सृजन और सुरक्षा नीति के बारे में सीधा जवाब मिलता है, जो कि समाचार लेखों में नहीं दिखता। यह व्यक्तिगत संपर्क आपके निर्णय को स्पष्ट कर देगा।

अंत में एक छोटी टिप: मतदान से पहले अपने नजदीकी मतदान केंद्र की कार्यकाल समय और पहचान पत्र की तैयारी करना याद रखें। छोटे‑छोटे कदम जैसे ये, चुनाव प्रक्रिया को सुगम बनाते हैं और आपका वोट सही जगह पहुंचाता है। अब जब आप जानते हैं कि क्या देखना है, तो अगली रैली में बेझिझक भाग लें और अपना आवाज़ सुनाएँ!

वरिष्ठ वकील कपिल सिबल सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के नए अध्यक्ष निर्वाचित

वरिष्ठ वकील कपिल सिबल सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के नए अध्यक्ष निर्वाचित

कपिल सिबल 1,066 वोट हासिल कर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के नए अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी प्रदीप राय को हराया, जिन्हें 689 वोट मिले। सिबल ने इससे पहले भी दो बार 1995-1996 और 1997-1998 में यह पद संभाला है।