
प्री-मानसून बारिश: क्या है, कब आएगी और कैसे तैयार रहें?
मौसम बदल रहा है, और कई जगहों पर प्री-मानसून बारीश का असर दिखने लगा है। यह बरसात अक्सर अचानक आती है, इसलिए घर में या बाहर जाने से पहले थोड़ा रिसर्च कर लेना फायदेमंद रहता है। आप भी सोच रहे होंगे कि इस मौसम में क्या-क्या चीज़ें प्रभावित होंगी और कैसे बचा जा सकता है?
प्री-मानसून बारीश कब शुरू होती है?
आमतौर पर भारत में मई के अंत से जून की शुरुआत तक प्री-मानसून का चरण शुरू होता है। इस समय इमरजेंसी मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) कई क्षेत्रों में तेज़ धूलभरी आँधियों और बारीश की चेतावनी देता है। उदाहरण के तौर पर, राजस्थान में 29‑31 मई तक तेज़ धूल भरी आंधी और कुछ हिस्सों में भारी बारीश का प्रोजेक्ट किया गया था। इसलिए अगर आप इन दिनों यात्रा या खेती करने की योजना बना रहे हैं तो स्थानीय मौसम रिपोर्ट को देखना ज़रूरी है।
बारिश से बचाव के आसान उपाय
1. घर में जलरोधी व्यवस्था: छत और खिड़कियों का सीलिंग चेक करें, पानी रोकने वाले गटर साफ रखें। 2. फसल की तैयारी: अगर आप किसान हैं तो बीज बोने के बाद हल्की मिट्टी को कवर करने के लिए स्ट्रॉ या प्लास्टिक शीट इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे जल निकासी बेहतर होगी और फसल बची रहेगी। 3. यात्रा योजना: यदि आपको सड़क यात्रा करनी है, तो हाईवे पर रेनड्रॉप्स या वॉटर लेवल मोनिटरिंग ऐप का उपयोग करें। पानी जमा होने वाले क्षेत्रों से बचें। 4. सुरक्षा उपकरण: घर में फायर एक्सटिंग्विशर रखें और बिजली के सर्किट को ओवरलोड न होने दें, क्योंकि बारिश से शॉर्ट-सर्किट की संभावना बढ़ जाती है। 5. सूचना पर नजर रखें: IMD की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर रीयल‑टाइम अलर्ट सेट करें। इससे आपको अचानक बदलाव का पता चल जाएगा और आप तुरंत कदम उठा सकते हैं।
इन छोटे-छोटे उपायों से प्री-मानसून बारीश के कारण होने वाले नुक़सान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। याद रखें, मौसम की शक्ति बहुत बड़ी होती है, लेकिन सही तैयारी से हम उसकी मार पर काबू पा सकते हैं।
अगर आप इस समय की खबरों में रुचि रखते हैं तो हमारी साइट पर "Rajasthan Weather Alert" लेख पढ़ें जहाँ धूलभरी आंधी और भारी बारीश के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। साथ ही, खेती‑बाड़ी से जुड़े लोगों के लिए हमारे पास फसल सुरक्षा टिप्स भी उपलब्ध हैं।
प्री-मानसून बारीश सिर्फ एक मौसम नहीं, बल्कि हमारे रोज़मर्रा के जीवन पर असर डालने वाला एक बड़ा कारक है। इसलिए खबरों को अपडेट रखें और ऊपर बताये गए सरल कदम अपनाकर सुरक्षित रहें।
