
हृदयाघात के लक्षण और बचाव उपाय
दिल का अचानक बंद होना, यानी हृदयाघात, अक्सर बिना चेतावनी के आ जाता है. अगर आप या आपके आस‑पास कोई इस तरह की तकलीफ महसूस करे तो तुरंत पहचानना जरूरी है.
सबसे आम लक्षण क्या हैं?
1. छाती में दबाव या तेज दर्द – यह दर्द अक्सर बांए हाथ, जबड़े या पीठ में भी फैल सकता है.
2. सांस फूलना – छोटे काम पर भी साँस लेने में दिक्कत महसूस हो सकती है.
3. पसीना आना, चक्कर या उल्टी जैसा लगना.
4. अचानक थकान या बेचैनी – विशेषकर महिलाओं में ये लक्षण अधिक दिखते हैं.
इन संकेतों को नजरअंदाज़ न करें; अक्सर दर्द कम हो जाता है और लोग सोचते हैं कि सब ठीक है, लेकिन दिल अभी भी खतरे में रहता है.
तुरंत क्या करना चाहिए?
• 999 (या स्थानीय आपातकालीन नंबर) पर कॉल करके एम्ब्युलेंस बुलाएँ.
• अगर आपसी मदद कर सकते हैं तो रोगी को आरामदेह स्थिति में रखें, बिस्तर पर लेटाकर पैर थोड़ा ऊपर उठाएं.
• धूम्रपान, शराब या भारी भोजन से बचें – ये दिल पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं.
• यदि डॉक्टर ने पहले एस्पिरिन दिया हो तो 300 mg तक का एस्पिरिन तुरंत दें; यह खून को पतला करने में मदद करता है.
समय के साथ ही उपचार की सफलता बढ़ती है, इसलिए देरी न करें.
हृदयाघात से बचाव के आसान उपाय
1. नियमित व्यायाम – रोज़ 30 मिनट तेज चलना या हल्का जॉगिंग दिल को मजबूत बनाता है.
2. संतुलित आहार – तले‑भुने, फास्ट फ़ूड कम करें और फल, सब्ज़ियों, साबुत अनाज को अधिक खाएँ.
3. वजन नियंत्रण रखें; मोटापा हाई ब्लड प्रेशर और डाइबिटीज का कारण बनता है, जो हृदयाघात के जोखिम बढ़ाता है.
4. रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं. यदि डॉक्टर ने दवा लिखी हो तो ठीक से ले.
धूम्रपान छोड़ना सबसे बड़ा कदम है; हर सिगरेट आपके दिल पर एक छोटे‑से आघात जैसा काम करता है.
जब परिवार में हृदयाघात का इतिहास हो
ज्यादा सतर्क रहें. अपने डॉक्टर से जीन संबंधी जोखिम के बारे में चर्चा करें और समय‑समय पर एंजियोग्राफी या स्ट्रेस टेस्ट करवाएं. यह शुरुआती पहचान को आसान बनाता है.
हृदयाघात एक गंभीर समस्या है, लेकिन सही जानकारी और तेज़ कार्रवाई से इसे रोका जा सकता है. अगर आप इन संकेतों को समझते हैं तो अपने और अपने प्रियजनों की जिंदगी बचा सकते हैं.
