ग्रे मार्केट प्रीमीअम्‍ह समझिए – शेयर कीमत क्यों बढ़ती‑घटती?

जब आप स्टॉक या किसी कंपनी के शेअर खरीदते हैं, तो दो अलग‑लग जगहों पर दाम दिखता है – एक आधिकारिक एक्सचेंज (NSE/BSE) और दूसरा “ग्रे मार्केट” यानी अनौपचारिक बाजार। ग्रे मार्केट में अक्सर शेयर की कीमत आधिकारिक दर से ज़्यादा होती है। इसे ही हम ग्रे मार्केट प्रीमीअम्‍ह कहते हैं।

क्यूँ बनता है प्रीमीअम्‍ह?

सबसे पहले, देखें कि कोई कंपनी कब IPO करती है या नए शेयर जारी करती है। अगर वह बहुत लोकप्रिय हो और मांग अधिक हो, तो आधिकारिक बाजार में तुरंत उपलब्ध नहीं होते। लोग फिर अनौपचारिक तौर पर ट्रेडिंग शुरू कर देते हैं – जैसे दोस्त‑दोस्त के बीच, WhatsApp ग्रुप या छोटे ब्रोकरों से. इन लेन‑देनों में शेयर का दाम अक्सर “ज्यादा” रख दिया जाता है क्योंकि खरीदार को तुरंत चाहिए और सप्लाई कम होती है.

दूसरा कारण है खबरें या अफ़वाहें। जैसे CDSL के शेयर की कीमत एक महीने में 25% उछाल दिखा, कई छोटे निवेशकों ने इसे ग्रीन सिग्नल समझ कर जल्दी‑जल्दी खरीदना शुरू किया। आधिकारिक दाम अभी नहीं पहुंचा था, पर ग्रे मार्केट में प्रीमीअम्‍ह बहुत तेज़ी से बढ़ गया. यही कारण है कि अक्सर “ऑफ़रिंग” के समय प्रीमीअम्‍ह ज्यादा दिखता है.

ग्रे मार्केट का असर आपके पोर्टफोलियो पर

अगर आप ग्रे मार्केट में शेयर खरीदते हैं, तो दो चीज़ें ध्यान रखें:

  • लीक्विडिटी रिस्क – जब बाजार की आधिकारिक कीमत गिरती है या कंपनी के बारे में नकारात्मक खबर आती है, तो प्रीमीअम्‍ह जल्दी घट सकता है. आप अपना निवेश नुकसान में देख सकते हैं.
  • ट्रांसफ़र रजिस्टर जोखिम – अनौपचारिक लेन‑देनों का रिकॉर्ड नहीं रहता. अगर कंपनी के शेयरों को आधिकारिक तौर पर ट्रांसफर नहीं किया गया, तो आपका अधिकार कानूनी रूप से सुरक्षित नहीं रहेगा.

उदाहरण के लिये Subex की हालिया उछाल देखें। Google Cloud के साथ साझेदारी के बाद शेर में 20% बढ़ोतरी हुई, लेकिन वह आधिकारिक बोरसेस पर थी. अगर वही शेयर ग्रे मार्केट में होते तो प्रीमीअम्‍ह अलग‑अलग स्तरों पर दिखता और आपके निवेश निर्णय को बदल देता.

इसी तरह Airtel का Perplexity Pro AI सब्सक्रिप्शन ऑफर भी एक बड़ा टॉपिक बना. ऐसे प्रोमोशन अक्सर शेयर धारकों के बीच उत्साह बढ़ाते हैं, जिससे प्रीमीअम्‍ह अस्थायी रूप से ऊपर जा सकता है.

तो कैसे बचें? सबसे पहले आधिकारिक एक्सचेंज पर ट्रेडिंग को प्राथमिकता दें. अगर ग्रे मार्केट में निवेश करना ही पड़े तो भरोसेमंद ब्रोकर चुनें और शेयरों के वैध ट्रांसफर की पुष्टि करें. साथ ही, कंपनी की मौलिक बातों – वित्तीय रिपोर्ट, प्रोडक्ट लांच या बड़ी साझेदारियों – पर ध्यान रखें, क्योंकि वही दीर्घकालिक मूल्य बनाते हैं.

ग्रे मार्केट प्रीमीअम्‍ह एक रोचक फेनोमेना है, लेकिन इसे समझदारी से उपयोग करना चाहिए. सही जानकारी और सावधानी से आप इस अतिरिक्त लाभ को अपने निवेश में जोड़ सकते हैं, बिना अनावश्यक जोखिम के.

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सारस्वती साड़ी डिपो का प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (IPO) सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुका है। इस IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 32% बढ़ गया है। कंपनी ने प्रति शेयर मूल्य बैंड ₹152-160 निर्धारित किया है। निवेशक कम से कम 90 इक्विटी शेयर और उसके गुणकों में आवेदन कर सकते हैं। स्वस्तिका इंवेस्टमर्ट के विश्लेषकों ने इसे उच्च जोखिम वाले निवेशकों के लिए अनुशंसित किया है।