
Google Doodle – हर दिन के दिलचस्प डूडल्स का सफर
जब आप गूगल खोलते हैं, तो अक्सर लोगो के बीच एक छोटा सा चित्र दिखता है। वही है Google Doodle. ये सिर्फ सजावट नहीं; यह इतिहास, कला और विज्ञान से जुड़ी कहानी बताता है। हर डूडल किसी खास मौके या व्यक्ति को याद दिलाता है—जैसे जैनर एलेन की 70वीं जन्मदिन या अंतरिक्ष यात्रा का उत्सव।
डूडल कैसे बनते हैं?
गूगल की क्रिएटिव टीम हर साल हजारों विचारों से गुजरती है। सबसे पहले वो थीम चुनते हैं—जैसे विश्व जल दिवस, या किसी भारतीय वैज्ञानिक का जन्मदिन। फिर कलाकार स्केच बनाते हैं, फीडबैक लेते हैं और अंत में कोडर्स इसे इंटरैक्टिव बनाते हैं। आप अक्सर डूडल पर क्लिक करके छोटा गेम या जानकारी भी पा सकते हैं।
क्यूँ देखना चाहिए हर नया Doodle?
डूडल सिर्फ़ मनोरंजन नहीं है, यह सीखने का आसान तरीका है। उदाहरण के तौर पर 2023 में गूगल ने मारिया क्यरी की जीवनी को दिखाया, जिससे कई लोगों को उनका योगदान याद आया। अगर आप इतिहास या विज्ञान से रुचि रखते हैं, तो हर नया डूडल एक छोटा‑छोटा सबक देता है। साथ ही ये आपके दिन में थोड़ा मज़ा भी लाता है—कभी‑कभी आपको पहेली हल करनी पड़ती है या छोटे एनीमेशन को देखना होता है।
अगर आप अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर गूगल डूडल नहीं देखते, तो सेटिंग्स में "डूडल दिखाएँ" ऑप्शन चालू करें। भारत में अक्सर स्थानीय भाषा और त्योहारों के अनुसार डूडल आते हैं—जैसे होली, दिवाली या गणेश चतुर्थी। इस तरह आप अपने संस्कृति से जुड़ी चीज़ें भी देख सकते हैं।
डूडल की पूरी लिस्ट और उनके पीछे की कहानियों को गूगल के ऑफिशियल डूडल पेज पर मिल सकता है। वहां आप पुराने डूडल भी देख सकते हैं, जिससे यह पता चलता है कि समय के साथ कैसे बदलते रहे डिज़ाइन और थीम। अगर आप किसी विशेष डूडल को फिर से देखना चाहते हैं तो URL में "year" और "month" जोड़कर आसानी से खोज सकते हैं।
तो अगली बार जब गूगल खोलें, तो सिर्फ सर्च नहीं बल्कि डूडल की कहानी भी पढ़िए। यह छोटा‑छोटा पॉप-अप आपके दिन को ज्ञान से भर देगा और शायद कुछ नया सीखने का मौका भी देगा।
