Adani Power का 1:5 स्टॉक स्प्लिट लागू, शेयर कीमत में 17% उछाल
सित॰, 22 2025
स्टॉक स्प्लिट क्या है और इसका उद्देश्य
स्टॉक स्प्लिट कंपनी द्वारा शेयर को छोटे इकाइयों में विभाजित करने की एक पद्धति है, जिससे एक शेयर की मूल्य सीमा घट जाती है और वही कंपनी की कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन रहता है। इस प्रक्रिया से शेयरों की लिक्विडिटी में सुधार होता है और रिटेल निवेशकों के लिए प्रवेश दर कम होती है। कई बार यह कदम कंपनी के भविष्य के विकास पर प्रबंधन के भरोसे को दर्शाता है।
Adani Power का 1:5 स्प्लिट: विवरण और प्रभाव
Adani Power Ltd ने 1:5 के अनुपात में स्टॉक स्प्लिट लागू किया, यानी हर 1 पुराने शेयर के बदले 5 नए शेयर जारी किए गए। इस बदलाव की प्रभावी तिथि 22 सितंबर 2025 तय की गई, जबकि 19 सितंबर को अंतिम ट्रेडिंग दिन बताया गया था, जिस दिन तक शेयर खरीदने वाले निवेशकों को नए शेयर मिलेंगे।
स्प्लिट के बाद, 100 पुराने शेयरधारकों के पास अब 500 नए शेयर होंगे और हर एक नया शेयर मूल कीमत का पाँचवां भाग रखेगा। कुल निवेश मूल्य में कोई परिवर्तन नहीं हुआ, पर शेयरों की कीमत नीचे आई, जिससे छोटे निवेशकों के लिए खरीदना आसान हो गया।
- रिकॉर्ड डेट: 22 सितंबर 2025
- अंतिम पात्रता ट्रेडिंग दिन: 19 सितंबर 2025
- स्प्लिट अनुपात: 1:5
- रिटर्न पर प्रारंभिक प्रतिक्रिया: शेयर कीमत में 17% की उछाल
स्प्लिट के लागू होने के बाद बाजार ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और Adani Power के शेयर की कीमत में 17% की तेज़ी देखी गई। यह उछाल निवेशकों के इस भरोसे को दर्शाता है कि कंपनी का यह कदम शेयरों को अधिक सुलभ बनाने के साथ-साथ तरलता में सुधार लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के स्प्लिट से व्यापार वॉल्यूम में वृद्धि होती है, जिससे दीर्घकालिक मूल्य स्थिरता में मदद मिलती है। रिटेल निवेशक, जो पहले उँचे शेयर मूल्यों के कारण बाधित थे, अब कम कीमत पर बड़ी मात्रा में शेयर खरीद कर अपनी पोर्टफोलियो को विस्तारित कर सकते हैं।
Adani Power इस साल कई भारतीय कंपनियों के साथ स्टॉक स्प्लिट कर रहा है। यह प्रवृत्ति आर्थिक माहौल के स्थिर होने और कंपनियों की वृद्धि संभावनाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है। अधिकांश कंपनियों ने इसी अवधि में स्प्लिट की घोषणा की, जिससे पूरे बाजार में निवेशक अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय हो गए।
स्प्लिट के बाद, बाजार को देखने वाले संकेतक जैसे ट्रेडिंग वॉल्यूम, बिड-आस्क स्प्रेड और बाय‑होल्ड‑सेल पैटर्न में परिवर्तन आएगा। यदि नए शेयरों का वितरण सुगम रहा और लिक्विडिटी बढ़ी, तो यह कंपनी के शेयरों को दीर्घकालिक संदर्भ में अधिक आकर्षक बना सकता है।
अंत में, स्टॉक स्प्लिट के इस कदम ने न केवल Adani Power की कीमत में उछाल लाया है, बल्कि भारतीय इक्विटी बाजार में छोटे निवेशकों के लिए नई संभावनाएँ भी खोल दी हैं।
Raj Kumar
सितंबर 22, 2025 AT 23:31देखो तो सही, इस स्प्लिट के पीछे की कहानी कुछ अलग है। कंपनी ने आकस्मिक 17% उछाल का दावा किया, पर असली आंकड़े क्या हैं?रिटेल निवेशकों को छोटा दिखाने की ये चाल, अक्सर बड़े मन में नहीं रहती। मेरा मानना है कि असली लाभ सिर्फ शेयरधारकों के पास ही रहेगा। अंत में, बैंकों की भी सौंपी जाएगी ये लहर।
venugopal panicker
सितंबर 28, 2025 AT 12:51वाकई, राज भाई! इस स्प्लिट को एक अवसर की तरह देखना चाहिए, न कि सिर्फ एक सौदा। छोटी कीमत पर बड़ी मात्रा में शेयर खरीदना, छोटा निवेशकों को सशक्त बनाता है। साथ ही, बाजार में तरलता बढ़ने से ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ेगा।
आइए मिलकर इस विकास को समझें और भविष्य की योजना बनाएं।
Vakil Taufique Qureshi
अक्तूबर 4, 2025 AT 02:11स्प्लिट की घोषणा से पहले कंपनी की मौज‑मस्ती पर सवाल उठता है। अगर मुनाफा नहीं बढ़ता तो यह सिर्फ एक दिखावा है।
Jaykumar Prajapati
अक्तूबर 9, 2025 AT 15:31भाई साहब, सरकार के साथ मिलकर अगर ये कंपनियां अपने शेयर इतने नीचे करके बेचें, तो क्या हम सबको फायदा होगा? मैं तो कहता हूं, इन बड़े लोगों का नेटवर्क कुछ गुप्त योजना में शामिल है।
पहले रिपोर्ट्स में कहा गया था कि लिक्विडिटी बढ़ेगी, पर असल में बाजार को हिला देने की योजना है।
स्प्लिट के बाद बिड‑आस्क स्प्रेड में अचानक गिरावट देखी गई, जो कि एक सिग्नल है।
आसान पैसा नहीं मिलता, लेकिन ये कंपनियां हमें उलझन में रखती हैं।
देखना है कि अगले महीने ट्रेडिंग वॉल्यूम कैसे बदलता है, क्योंकि वही सच्चा इशारा देगा।
PANKAJ KUMAR
अक्तूबर 15, 2025 AT 04:51मैं इस बात से सहमत हूं कि स्प्लिट से रिटेल निवेशकों को मौका मिलता है। छोटा निवेश, बड़ा शेयर-यह एक सकारात्मक बदलाव है। साथ ही, कंपनी की दीर्घकालिक स्थिरता भी देखनी चाहिए। यदि सभी बढ़िया बुनियादी ढाँचा है तो यह कदम सही दिशा में है।
Anshul Jha
अक्तूबर 20, 2025 AT 18:11देश की ऊर्जा सुरक्षा को देखते हुए, यह स्प्लिट हमारे राष्ट्रीय हित में है
Anurag Sadhya
अक्तूबर 26, 2025 AT 06:31😊 बिल्कुल सही कहा, अनुष! छोटे निवेशकों को सशक्त बनाना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। यह कदम उनके लिए अधिक उपलब्धता लाता है। मैं भी इस दिशा में समर्थन देता हूं। 🙌
Sreeramana Aithal
अक्तूबर 31, 2025 AT 19:51तुम लोगों को पता नहीं है, इस स्प्लिट में छिपा है बड़ा राज। कंपनी की असली मंशा सिर्फ बाजार में झुम्पना नहीं, बल्कि कुछ बड़े दलालों को फायदा पहुंचाना है। इस तरह के ऑपरेशन्स हमेशा छोटे निवेशकों को बोझ बनाते हैं। मैं कहता हूं, इस पेड़ के नीचे फल नहीं खाओ, समझते हो?
Anshul Singhal
नवंबर 6, 2025 AT 09:11स्टॉक स्प्लिट का इतिहास हमें कई बार सिखाता आया है कि जब कोई कंपनी अपने शेयरों को छोटे भागों में विभाजित करती है, तो उसका प्राथमिक उद्देश्य अक्सर तरलता बढ़ाना और छोटे निवेशकों को आकर्षित करना होता है।
पहले, शेयर की कीमत घटती है, जिससे अधिक लोग इसे खरीदने में सक्षम होते हैं, लेकिन वास्तविक मूल्य कंपनी के मूलभूत तत्वों से जुड़ा रहता है।
दूसरा, ट्रेडिंग वॉल्यूम में वृद्धि आती है क्योंकि अधिक शेयर उपलब्ध होते हैं और बाजार में गतिविधि बढ़ती है।
तीसरा, स्प्लिट के बाद अक्सर शेयरधारकों के बीच सकारात्मक भावना पैदा होती है, जैसे कि कंपनी भविष्य में बढ़त देख रही है।
चौथा, यह एक मार्केटिंग रणनीति भी हो सकती है, जिससे कंपनी का नाम बड़े निवेशकों के दिमाग में रहता है।
पांचवां, लेकिन कभी-कभी यह एक अस्थायी आकर्षण भी हो सकता है, जहाँ कीमतें केवल स्प्लिट के बाद कुछ हफ्तों में ही वापस स्थिर हो जाती हैं।
छटा दिखाने के लिए कंपनियां अक्सर बड़ी घोषणा करती हैं, लेकिन निवेशकों को मूलभूत विश्लेषण रखना चाहिए।
छहवें बिंदु में यह भी कहा जा सकता है कि यदि कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत है, तो स्प्लिट एक सकारात्मक संकेत हो सकता है।
सातवां, किसी भी स्प्लिट को समझने के लिए हमें कंपनी के प्रबंधन की विश्वसनीयता और रणनीतिक योजना को देखना चाहिए।
आठवां, इस प्रकार के कदमों का दीर्घकालिक प्रभाव अक्सर बाजार के मौजूदा रुझानों पर निर्भर करता है।
नौवां, यदि निवेशकों को निरंतर लाभ नहीं मिलता, तो स्प्लिट का प्रभाव धीरे-धीरे घटता जाता है।
दसवां, इसलिए, व्यक्तिगत निवेशकों को इस तरह के समाचारों को सत्यापित करने के लिए गहन अध्ययन करना चाहिए।
ग्यारहवां, इस स्प्लिट के बाद Adani Power की मौजूदा व्यावसायिक मॉडल और भविष्य की योजना पर भी नज़र रखनी चाहिए।
बारहवां, बाजार में उपभोक्ता विश्वास को भी इस बात से जोड़ा जा सकता है कि कंपनी की रणनीति दीर्घकालिक है।
तेरहवां, अंत में, निवेशकों को यह समझना चाहिए कि कोई भी एकल कदम उन्हें स्वर्णिम भविष्य नहीं देगा, बल्कि समग्र पोर्टफोलियो प्रबंधन ही मुख्य है।
DEBAJIT ADHIKARY
नवंबर 11, 2025 AT 22:31उपरोक्त विस्तृत विश्लेषण बहुत उपयोगी है। स्प्लिट की प्रक्रिया और उसके संभावित प्रभावों को समझना निवेशक के लिए आवश्यक है। धन्यवाद।
abhay sharma
नवंबर 17, 2025 AT 11:51हम्म बस यही तो कहा गया था
Abhishek Sachdeva
नवंबर 23, 2025 AT 01:11इसी तरह के मान्यताओं के पीछे हमेशा एक छुपी हुई हितधारा रहती है। अगर कंपनी का वास्तविक प्रदर्शन अच्छा नहीं है, तो स्प्लिट सिर्फ एक धोखा होगा। इसलिए, हमें बारीकी से देखना चाहिए कि इस कदम के पीछे क्या मकसद है। प्रवर्तन की ताकत और बाजार की प्रतिक्रिया को मापना आवश्यक है। इस प्रकार हम सही निर्णय ले सकते हैं।
Janki Mistry
नवंबर 28, 2025 AT 14:31स्प्लिट के बादLiquidity बढ़ेगी, ट्रेडिंगVolume भी बढ़ेगी। यह एक मानक परिणाम है।
Akshay Vats
दिसंबर 4, 2025 AT 03:51हो सकता है, पर हमेशा एसा नहीं होता, कभी कभी स्प्लिट के बाद कीमतें गिर भी सकती है।
Anusree Nair
दिसंबर 9, 2025 AT 17:11चलो, इस बात को समझते हैं कि छोटे निवेशकों के लिए यह कदम कितना मददगार है। अगर सही तरीके से किया जाए तो यह एक बड़ी जीत हो सकती है।
Bhavna Joshi
दिसंबर 15, 2025 AT 06:31बिलकुल, लेकिन हमें यह देखना चाहिए कि कंपनी की बुनियादी ताकत क्या है और क्या यह स्प्लिट उसे सुदृढ़ करता है या नहीं।
Ashwini Belliganoor
दिसंबर 20, 2025 AT 19:51स्प्लिट से कीमत घट गई, लेकिन क्या फायदा?
Hari Kiran
दिसंबर 26, 2025 AT 09:11भाई, यह एक नई शुरुआत हो सकती है, देखते हैं आगे क्या होता है।